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यस बैंक मामला : ईडी ने राणा कपूर की 2203 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की (लीड-1)

Jul
09 2020

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर, उनके परिवार, दीवान हाउसिंग फाइनेंस (डीएचएफएल) के प्रमोटरों और अन्य की 2,203 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को 3,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यह कार्रवाई की है।

इससे पहले ईडी ने कपूर, उनकी बेटी और डूइट अर्बन वेंचर्स (इंडिया) की प्रमोटर रोशनी कपूर, डीएचएफएल के कपिल आर. वधावन, धीरज आर. वधावन और अन्य संस्थाओं बिलीफ रियल्टर्स व आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

कपूर की कुछ विदेशी संपत्तियां भी एजेंसी द्वारा फ्रीज की गई हैं।

इन परिसंपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 2,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परिसंपत्तियों में भारत और विदेशों में अचल संपत्तियां, बैंक खाते, निवेश और लक्जरी वाहन शामिल हैं। कपूर और संबंधित संस्थाओं से जुड़ी कुल संपत्ति 792 करोड़ रुपये (वर्तमान बाजार मूल्य 1,400 करोड़ रुपये) की है, जिसमें मुंबई स्थित स्वतंत्र आवासीय भवन खुर्शिदाबाद शामिल हैं, जो कम्बाला हिल में है; नेपियन सी रोड पर तीन डुप्लेक्स फ्लैट; एनसीपीए, नरीमन पॉइंट में आवासीय फ्लैट और इंडियाबुल्स ब्लू, वर्ली में आठ फ्लैट शामिल हैं।

इसके अलावा नई दिल्ली में 40 अमृता शेरगिल मार्ग पर कपूर से जुड़ा एक बंगला भी शामिल है, जिसका बाजार मूल्य 685 करोड़ रुपये है। कपिल वधावन, धीरज वधावन और संबंधित संस्थाओं की कुर्क की गई कुल संपत्ति 1,411.9 करोड़ रुपये है, जिसमें मुंबई में खार (पश्चिम) में 12 फ्लैट शामिल हैं; न्यूयॉर्क में एक फ्लैट और लंदन में दो फ्लैट, पुणे और मुल्शी में दो लैंड पार्सल; ऑस्ट्रेलिया में एक वाणिज्यिक संपत्ति; पांच लक्जरी वाहन और 344 बैंक खाते शामिल हैं।

यह कार्रवाई मार्च में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बैंक के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे आरोपियों और अज्ञान संस्थाओं पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज किए गए एक मामले के बाद की गई है।

नौ मार्च को सीबीआई ने आरोपी के परिसरों की तलाशी ली थी। आठ मई को कपूर की गिरफ्तारी के दो महीने बाद मई की शुरूआत में ईडी ने मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष अलग से आरोप-पत्र भी दाखिल किया था।

घोटाले में दागी डीएचएफएल के साथ जुड़ी एक फर्म द्वारा कपूर और उनके परिवार द्वारा नियंत्रित एक कंपनी को 600 करोड़ रुपये के भुगतान के आरोपों में ईडी अलग से जांच कर रही है।

डीएचएफएल के संस्थापक कपिल वधावन और धीरज वधावन को अप्रैल में इसी मामले में सीबीआई ने एक हिल स्टेशन महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया था। जांच शुरू होने के बाद से वे फरार थे।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि यस बैंक ने डीएचएफएल में अल्पकालिक डिबेंचर में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिसके लिए वधावनों ने कपूर की बेटी के स्वामित्व वाले डूइट अर्बन वेंचर्स को ऋण के रूप में कपूर को 600 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ईडी का आरोप है कि कपूर और उनके परिवार के सदस्यों तथा अन्य लोगों ने बैंक के जरिए बड़े कर्ज देने के लिए रिश्वत ली थी।

--आईएएनएस

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