Kharinews

मप्र : देवास में सब्जी उत्पादक महिलाओं का सहारा बनी दीदी वैन, घर-घर पहुंच रहीं सब्जियां

Jun
01 2020

देवास, 1 जून (आईएएनएस)। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों के चलते समाज के कई वर्गो के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गए हैं, जिससे निपटने के लिए नवाचारों का सहारा लिया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के देवास जिले में महिलाओं द्वारा खेतों में उगाई जाने वाली सब्जियां लोगों के घरों तक पहुंचाने के लिए दीदी वैन शुरू की गई है।

देवास में कोरोना संक्रमण के दौरान ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक संकट से उबारने के उद्देश्य से, उनके द्वारा खेतों में उगाई गईं सब्जियों को आस-पास के गांवों और आवश्यकता अनुसार अन्य क्षेत्रों तक तक पहुंचाने के लिए आजीविका एक्सप्रेस बनाई गई है, जिसे नाम दिया गया है दीदी वैन।

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शीतला पटले ने आईएएनएस को बताया कि आजीविका एक्सप्रेस के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उगाई गई सब्जियों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे एक तरफ महिलाओं को आमदनी हो रही है, वही आम लोगों को ताजी सब्जियां मिल रही हैं।

उन्होंने आगे बताया कि कोरोना महामारी के कारण घरों तक सामान पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है, और दीदी वैन के चलने से स्व सहायता समूह की उन महिलाओं को ऑन व्हील बाजार उपलब्ध हो रहा है, जो घरों में सब्जियां उगाती हैं।

आखिर अपने तरह के नए दीदी वैन का विचार कैसे और कहा से आया? इस बारे में परियोजना प्रबंधक नेमचंद्र जाधव बताते हैं कि लोगों में सब्जी आदि खरीदने के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका रहती थी। इससे बचाव के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ हुई बैठक में वैन चलाने की बात निकल कर सामने आई। उस पर सर्वसम्मति से निर्णय लेकर पहली वैन चलाई गई।

जाधव ने बताया, इस एक वैन के जरिए तीन समूह की 20 सदस्य जुड़ी हैं, और उनके खेतों में उगाई गई सब्जी लोगों तक पहुंच रही है। इससे जुड़ी महिलाओं को हर रोज लगभग 300 सौ रुपये की आमदनी हो जाती है, और लोगों को ताजी सब्जी भी मिल रही है। इस एक्सप्रेस से फल आदि की भी बिक्री की जा रही है। वैन चलने से पहले महिलाओं को सिर्फ 100-200 रुपये की ही आमदनी हो पाती थी।

स्व सहायता समूह की सदस्य चिंता ने बताया, गांव में महिलाओं द्वारा सब्जी उगाई जाती है, मगर कोरोना के कारण सब्जियां खेत में रह जाती हैं। सब्जी मंडी बंद होने के कारण खेतों में ही सब्जियां खराब हो रही थीं, वही आम लोगों को सब्जियां नहीं मिल पा रही थीं। दीदी वैन शुरू होने से ताजी सब्जियां लोगों को मिल रही हैं।

बताया गया है कि आठ से 10 स्व सहायता समूहों की 25-30 महिलाएं सब्जियां उगाने के काम में लगी हुई हैं। ये सब्जियां देवास मंडी और आसपास के गांवों में बेची जाती हैं। लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनकी सब्जियां देवास मंडी नहीं पहुच पा रही थीं। आजीविका चलित एक्सप्रेस उनकी समस्या का समाधान बनकर सामने आया है।

परियोजना प्रबंधक जाधव के अनुसार, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने लगभग सात-आठ लाख रुपये के मास्क भी बनाए हैं। साथ ही एक किट तैयार की है, जिसमें मास्क, फेस शील्ड, जमसूट आदि हैं। अबतक लगभग आठ हजार किट की आपूर्ति स्व-सहायता समूह के जरिए की गई है।

--आईएएनएस

Related Articles

Comments

 

दुबई में फंसे 500 भारतीयों के लिए संकटमोचक बने बीजेपी सांसद अनिल बलूनी (एक्सक्लूसिव)

Read Full Article

Subscribe To Our Mailing List

Your e-mail will be secure with us.
We will not share your information with anyone !

Archive