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सऊदी अरब तेल से इतर अर्थव्यवस्था में बदलाव, भारत के साथ संबंध बढ़ाने पर दे रहा है जोर

Sep
22 2019

सौद बिन मोहम्मद अल-साती 

इस साल 23 सितंबर को सऊदी अरब के राजशाही की 89वीं वर्षगांठ है, जिसकी स्थापना किंग अब्दुल अजीज बिन अब्दुल रहमान अल सौद ने की थी। हमारे राष्ट्र का गौरवशाली इतिहास हमारे संस्थापक शाह और उनके उत्तराधिकारियों के बलिदान से बना है, जिन्होंने हमारे महान देश को एक क्षेत्रीय नेता और वैश्विक आर्थिक शक्ति में बदल दिया है।

सऊदी अरब दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सौद और उनके रॉयल हाइनेस प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सौद, क्राउन प्रिंस, उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के नेतृत्व में प्रगति की अपनी शानदार यात्रा जारी रखे हुए है।

हम अपने महान राष्ट्र के लिए हमारे नेतृत्व द्वारा परिकल्पित सपनों को प्राप्त करने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था, शासन और समाज को बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम अब तेल युग के बाद की अर्थव्यवस्था में बदलाव पर ध्यान दे रहे हैं। इसलिए हम विजन 2030 पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत हम अपनी अर्थव्यवस्था, प्रशासन और समाज में बदलाव लाने जा रहे हैं।

हमारे नेतृत्व ने सऊदी नागरिकों और उनकी आकांक्षाओं को विजन 2030 के केंद्र में रखा है। हमारे महत्वाकांक्षी विजन 2030 के तहत हम तेल युग से आगे विश्वस्तरीय तकनीकी शोध, स्टार्टअप का विकास, उद्यमिता की ताकत, विशाल निवेश के अवसरों पर ध्यान दे रहे हैं।

हमारे नेतृत्व ने सऊदी नागरिकों और उनकी आकांक्षाओं को विजन 2030 में पिरोया है, ताकि जीवंत समाज, संपन्न अर्थव्यवस्था और महत्वाकांक्षी राष्ट्र का निर्माण हो सके।

राजशाही के आर्थिक और सामाजिक सुधार तो अच्छे नतीजे की शुरुआत हैं और आईएमएफ (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) को उम्मीद है कि हमारी गैर-तेल विकास दर साल 2019 में बढ़कर 2.9 फीसदी होगी। आईएमडी (बिजनेस स्कूल) के वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धी ईयरबुक में सऊदी अरब को 26वां स्थान दिया गया है, जो कि जी20 देशों के समूह में राजशाही को सबसे प्रतिस्पर्धी देश बनाता है। विश्व बैंक ने राजशाही को जी20 समूह के अंदर चौथा सबसे बड़ा सुधारवादी देश घोषित किया है।

हमारा लक्ष्य 2030 तक शीर्ष दस पूंजी बाजारों में शामिल होना है। हम लॉजिस्टिक्स पर भी ध्यान दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य राष्ट्रीय औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स प्रोग्राम के तहत अगले दशक में 1.6 खरब रियाल का निवेश आकर्षित करना है। सऊदी अरब के पर्यटन मैप को बदलने के लिए नियोम, किद्दिया, रेड सी टूरिज्म प्रोजेक्ट समेत कई गीगा परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ग्रीन रियाद परियोजना है, जोकि दुनिया की सबसे बड़ी अर्बन ग्रीनिंग परियोजना है। 75 लाख पौधों के रोपाई के साथ ही सऊदी की राजधानी का ग्रीन कवर कुल क्षेत्र के 1.5 फीसदी से बढ़कर 9.1 फीसदी हो जाएगा। इस प्रकार सऊदी अरब में प्रति व्यक्ति ग्रीन स्पेस की उपलब्धता डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की सिफारिश का करीब तीन गुणा हो जाएगा।

इस परियोजना से औसत तापमान 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी और इसकी सिंचाई के लिए 10 लाख क्यूबिक मीटर सीवेज ट्रीटमेंट का उपयोग किया जाएगा। किंग सलमान पार्क एक और महत्वपूर्ण परियोजना है, जोकि दुनिया की सबसे बड़ी सिटी पार्क होगी। इसमें एक नेशनल थियेटर, एक ओपेरा हाउस और 18 होल का गोल्फ क्लब भी शामिल है।

विजन के तहत, राजशाही का लक्ष्य रणनीतिक प्रौद्योगिकीयों का स्थानीयकरण करना है, ताकि सऊदी युवा उन्नत और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकीयों के साथ काम कर पाएं।

सऊदी अरब का 12 अरब डॉलर का आईटी बाजार और 10 अरब डॉलर का उभरता प्रौद्योगिकीयों का बाजार है। राजशाही आज दुनिया की सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्था है। हमारे मजबूत डिजिटल अवसंरचना ने मोबाइल इंटरनेट स्पीड को चार गुणा बढ़ा दिया है, जोकि वैश्विक औसत से अधिक है। हमने फाइबर नेटवर्क कवरेज में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है और 10 लाख अतिरिक्त घरों को जोड़ा है और 100 फीसदी इंटरनेट एक्सेस मुहैया करा रहे हैं।

हमारे मजबूत संचार अवसंरचना ने 2030 तक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 55 करोड़ डॉलर का योगदान करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ा दिया है। हमारी ई-गवर्नमेंट पहल का लक्ष्य ऐसे सरकारी संस्थानों का निर्माण करना है, जो प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह हो। हम वाणिज्यिक लाइसेंस महज 24 घंटों में जारी कर रहे हैं, पार्सपोर्ट का नवीनीकरण महज पांच मिनट में कर रहे हैं और डिजिटल प्राधिकार पत्र 10 मिनट से भी कम समय में जारी कर रहे हैं।

हम संबंधी प्रक्रिया का भी पूर्ण ऑटोमेशन करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, ताकि यात्रा और सुविधाजनक हो। माकम ऑनलाइन पोर्टल फार्म्स पूरा करने के कुछ ही मिनटों में इलेक्ट्रॉनिक वीजा जारी कर रहा है। जेद्दा और मदीना हवाई अड्डों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए नई प्रौद्योगिकीयों को लगाया जा रहा है।

मक्का रोड पहल से तीर्थयात्री राजशाही में रिकार्ड समय में समर्पित लेन के माध्यम से प्रवेश कर सकेंगे।

निजी कंपनियों के साथ भागीदारी से हम क्लाउड प्रौद्योगिकी को विकसित कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालु संबंधी सभी आंकड़ों को एक जगह रख सकें, ताकि वास्तविक समय के निरीक्षण के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स में सुधार लाया जा सके।

देश के प्रति हमारे सपने को पूरा करने के लिए सार्वजनिक और वाणिज्यिक परिवहन के लिए मजबूत अवसंरचना बनाना जरूरी है। राजशाही आधुनिक परिवहन नेटवर्क भारी निवेश कर रही है। नया रियाद मेट्रो रोजाना 11.6 लाख यात्रियों को ढोने में सक्षम होगा, जबकि रियाद बस नेटवर्क 9 लाख यात्रियों को रोजाना मेट्रो ट्रेन्स तक पहुंचाएगा। ये महत्वाकांक्षी रियाद पब्लिक ट्रांजिट नेटवर्क प्रोजेक्ट (आरपीटीएन) का हिस्सा हैं। सऊदी रेलवे कंपनी (एसएआर) और हुआवेई मिलकर स्मार्ट रेलवे बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जिसमें अगली पीढ़ी के रेलवे वायरलेस नेटवर्क, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, अर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड सेवाएं और 5जी का समूह एसएआर नेटवर्क में निर्माण शामिल है। हारामै हाई-स्पीड रेलवे का परिचालन जल्द शुरू होने वाला है, जो मक्का से मदीना के बीच सालना 6 करोड़ लोगों को सेवा मुहैया कराएगा।

हम भारत के साथ निरंतर भागीदारी के लिए तत्पर हैं। सऊदी अरब भारत को एक करीबी दोस्त और मूल्यवान रणनीतिक साझेदार के रूप में महत्व देता है। हमारी गतिशील सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित है।

सऊदी अरब में करीब 30 लाख भारतीय रहते हैं और काम करते हैं। राजशाही के विकास में उनका योगदान प्रमुख है। योग्य अंतर्राष्ट्रीय प्रवासियों के लिए हमारी हाल में घोषित रेसिडेंटी परमिट योजना भारत और दुनिया भर के वैश्विक उद्यमियों, नवोन्मेषियों और निवेशकों को आकर्षित करेगी।

एचआरएच क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुअजीज की इस साल की शुरुआत में भारत यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक भागीदारी परिषद की स्थापना में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। सऊदी अरब, भारत में ऊर्जा, रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल्स, अवसंरचना, कृषि, खनिज और खनन, विनिर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश पर विचार कर रहा है।

दोनों देशों के बीच गैर-तेल कारोबार की बड़ी क्षमता है और हम आर्थिक, वाणिज्यिक, निवेश, सांस्कृतिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इस साल विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त भागीदारी और निवेश के 40 अवसरों की पहचान की गई है और हमारा वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार करीब 34 अरब डॉलर का है जो निसंदेह निकट भविष्य में बढ़ता रहेगा।

सऊदी अरामको ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत महाराष्ट्र में वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में 44 अरब ड़लर का निवेश और रिलायंस के साथ दीर्घकालिक साझेदारी दोनों देशों के विकास और समृद्धि के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की सऊदी अरब की प्रतिबद्धता को दशार्ती है।

इस साल जून में जापान में जी20 सम्मेलन से इतर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

(लेखक भारत में सऊदी अरब का राजदूत हैं। यह आलेख सऊदी अरब की राजशाही के 89वें राष्ट्रीय दिवस पर लिखा गया है।)

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