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विश्व को आशा प्रदान करे संयुक्त राष्ट्र : यूएनजीए प्रमुख (आईएएनएस साक्षात्कार)

Jun
01 2020

संयुक्त राष्ट्र, 1 जून (आईएएनएस)। वैश्विक संगठन के 75 साल पूरे होने पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद-बंदे ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चाहिए की वह दुनिया को आशा प्रदान करे क्योंकि इसके बिना हम एक मानव जाति के रूप में जीवित नहीं रह सकते हैं।

उन्होंने आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में कहा, संयुक्त राष्ट्र को यह उम्मीद बनाए रखनी चाहिए कि बहुराष्ट्रीय प्रणाली दुनिया के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, हम भविष्य में उम्मीद देखते हैं, इसके बिना हम एक मानव जाति के रूप में जीवित नहीं रह सकते। हमें आशा की जरूरत है और यह महत्वपूर्ण है। बिना आशा के कुछ नहीं होता है।

यह पूछने पर कि वह क्या सोचते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियां क्या हैं, उन्होंने कहा, जैसा कि आप जानते हैं हमने संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के साथ रंगभेद को समाप्त किया, साथ ही उपनिवेशवाद का अंत हुआ, जो महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, लेकिन, द्वितीय विश्व युद्ध की तरह एक प्रमुख विश्व संघर्ष नहीं हुआ है, यह इसकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यूएनजीए प्रमुख ने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि संयुक्त राष्ट्र ना हो तो अराजकता होगी। यदि हम अन्य लोगों के साथ सहयोग करने में असमर्थ रहेंगे तो हम सभी के लिए नैतिक बोझ बहुत बड़ा होगा।

उन्होंने कहा, यहां तक कि यदि यह मौजूद ना होता तो भी शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र का बनाया जाना अनिवार्य हो जाता।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों, व्यक्तियों के अधिकारों, सम्मान के मुद्दे पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। ये मानदंड सभी देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

कोविड-19 महामारी की रोकथाम के मद्देनजर जारी लॉकडाउन में संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय बंद है। इसलिए मुहम्मद बंदे ने वीडियो-टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यूयॉर्क में आईएएनएस से विशेष रूप से बात की।

मुहम्मद बंदे एक राजनयिक बनने से पहले नाइजीरिया में उस्मान डैनफोडियो विश्वविद्यालय के कुलपति रहने के साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी एंड स्ट्रेटजी स्टडी के महानिदेशक थे।

मुहम्मद बंदे 193 देशों वाला उस संगठन का संचालन कर रहे हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे गंभीर संकट कोरोनावायरस महामारी को देख रहा है, जिसने पूरी दुनिया को पंगु बना दिया है।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी। सितंबर में यह अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाएगा।

--आईएएनएस

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