Trending Now
मनोरंजन
जावेद साहब के ‘विलेन’ ऑफर पर शफी ने तुरंत भरी थी हामी, कुछ इस तरह हुई थी अभिनय की शुरुआत
मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। शफी इनामदार का नाम सुनते ही दर्शकों के जेहन में ईमानदार इंस्पेक्टर, कॉमेडी टाइमिंग वाले किरदार की तस्वीर उभर आती है, लेकिन उनके खलनायक किरदार की शुरुआत की कहानी दिलचस्प है। जब जावेद अख्तर ने उन्हें रमेश सिप्पी की फिल्म ‘सागर’ में मुख्य विलेन का ऑफर दिया तो शफी ने पहली बार में ही हामी भर दी। अभिनेता ने बताया था कि इसके पीछे क्या वजह थी?
‘ईमानदारी’ से भरे किरदारों का जादूगर: दिलीप कुमार के ‘फैन’ का मैच देखते वक्त हुआ था निधन
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। सिनेमा में लीड एक्टर जितने महत्वपूर्ण होते हैं, उतने ही को-एक्टर भी। वे फिल्म को गहराई देते हैं, कहानी को मजबूत बनाते हैं और दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान छोड़ जाते हैं। ऐसे ही एक शानदार को-एक्टर थे शफी इनामदार। उन्होंने हर किरदार को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और कुशलता से निभाया। चाहे थिएटर हो, फिल्म या टीवी, शफी ने हमेशा अपनी अदाकारी से दर्शकों को प्रभावित किया। उनके किरदारों में जो सच्चाई और गहराई थी, वह उन्हें दर्शकों का प्रिय बनाती थी।
ख़बरें
खेल
व्यापार
ताज़ा ख़बरें
आफताब-ए-सितार: कड़ी मेहनत से दुनियाभर में बिखेरा सितार का जादू, रियाज के वक्त कट जाती थीं उंगलियां
नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय संगीत जगत में कई ऐसे सितारे हुए जिनकी कला श्रोताओं के बीच खासा लोकप्रिय है। ऐसे ही एक कलाकार का नाम उस्ताद विलायत खां है, जिन्हें ‘आफताब-ए-सितार’ भी कहा जाता है। उन्होंने सितार वादन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और आधुनिक सितार के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कला इतनी गहरी थी कि रियाज के दौरान उंगलियां कट जाती थीं, खून छींटे मारता था, लेकिन वे नहीं रुकते थे।

